HomeNEWSभारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज वजीरएक्स के बैंक अकाउंट को ईडी ने किया अनब्लॉक

भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज वजीरएक्स के बैंक अकाउंट को ईडी ने किया अनब्लॉक

-

Follow us

12,500FollowersFollow

 

भारत के क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज वजीरएक्स (WazirX )ने घोषणा की है कि भारतीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसका अकाउंट अनब्लॉक कर दिया है। क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ने सोमवार को एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए यह ऐलान किया। बताया जा रहा है कि वजीरएक्स अब पहले की तरह अपनी बैंकिंग गतिविधियों को जारी रख सकता है।

वजीरएक्स की घोषणा के मुताबिक ईडी अभी सोलह (16) फिनटेक कंपनियों और इंस्टेंट लोन ऐप की जांच कर रहा है। ईडी ने वजीरएक्स पर इन फर्मों को अपने प्लेटफॉर्म के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की इजाजत देने का आरोप लगाया। इसलिए, 6 अगस्त को क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के बैंक अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया।

इस बीच, वजीरएक्स ने बताया कि कैसे यह जांच में सहयोग दे रहा है। क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ने कहा कि वह अभियोजन पक्ष को जांच के तहत फर्मों के बारे में जरूरी विवरण, दस्तावेज और जानकारी प्रदान करेगा। वजीरएक्स ने कहा कि अपने यूजर्स के लिए नियामकों द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना अनिवार्य है।

साथ ही, इस क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ने खुद को निगरानी की जा रही फर्मों से अलग कर दिया है। वजीरएक्स ने खुलासा किया कि उसका फिनटेक फर्मों और जांच के तहत इंस्टेंट लोन ऐप से कोई संबंध नहीं है। क्रिप्टो एक्सचेंज इस बात पर जोर देता है कि इसका प्लेटफॉर्म किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा। इस तरह यूजर्स इसे केवल वैध बिजनेस के लिए ही इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस बारे में वजीरएक्स का कहना है कि वह केवाईसी और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग चेक कर रहा है। हालांकि, ईडी की जांच में ये अनिवार्य नहीं है। वजीरएक्स ने स्पष्ट किया कि उसका प्लेटफॉर्म निर्दोष है और किसी भी अन्य इंटरमीडियरी की तरह उसके प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया जा सकता है।

वजीरएक्स और बाइनान्स के संबंधों का हुआ खुलासा

बता दें कि पिछले महीने, बिनबिट्स की रिपोर्ट में बताया गया था कि भारतीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के आधार पर वजीरएक्स से संबंधित बैंक खातों को सील कर दिया था। इस मुद्दे से बाइनान्स (Binance) के सीईओ चांगपेंग झाओ और वजीरएक्स के सह-संस्थापक निश्चल शेट्टी के बीच विवाद पैदा हो गया। ट्विटर पर दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।

इस बहस से वजीरएक्स और बाइनान्स के बीच सच्चे संबंध का पता चला। 2020 के आसपास, Binance ने भारतीय क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के अधिग्रहण की घोषणा की थी। इसके बाद, पूरी क्रिप्टोकरेंसी दुनिया ने यह मान लिया कि वजीरएक्स बाइनान्स के नियंत्रण में चला गया। हालांकि, जब यह मुद्दा सामने आया तो बाइनान्स के सीईओ ने तुरंत खुद को और अपने क्रिप्टो एक्सचेंज को वजीरएक्स से अलग कर दिया और दावा किया कि बाइनान्स ने वजीरएक्स पर पूरी तरह से अधिग्रहण नहीं किया है। नतीजतन, निश्चल शेट्टी की प्रतिक्रिया आई कि उनकी टीम ने बाइनान्स को ठीक से हैंड ओवर कर दिया था।

Most Popular