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व्हाइट हाउस ने अमेरिका में डिजिटल एसेट के लिए जारी किया फ्रेमवर्क, जानें क्या है खास

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अमेरिका के व्हाइट हाउस ने डिजिटल एसेट्स के सतत विकास (जिम्मेदार विकास) के लिए व्यापक फ्रेमवर्क जारी किया है। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक हैंडल पर जारी रिपोर्ट में इसकी पुष्टि की। इस फ्रेमवर्क के जरिए अमेरिका में क्रिप्टो उद्योग के नियमों पर अलग-अलग तरह के निष्कर्षों और सिफारिशों पर प्रकाश डाला गया है।

व्हाइट हाउस का ये नया फ्रेमववर्क उभरते क्रिप्टो स्पेस का मूल्यांकन शुरू होने के कुछ महीनों बाद आया है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने मार्च में एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें उद्योग में गहन रिसर्च को अनिवार्य किया गया था। अब, व्हाइट हाउस नए फ्रेमवर्क में किसी नए कानून का जिक्र नहीं है। हालांकि, इसमें अमेरिका के अंदर क्रिप्टो नियमों पर व्यापक दूरदर्शिता है।

इसके अलावा, कथित तौर पर बिडेन को सौंपी गई नौ रिपोर्टों में शामिल निष्कर्षों के आधार पर यह फ्रेमवर्क बनाया गया है। यह “सरकार, उद्योग, शिक्षा और सिविल सोसायटी में विभिन्न हितधारकों के इनपुट और विशेषज्ञता” को दर्शाता है।

व्हाइट हाउस का फ्रेमवर्क में कुशल उपभोक्ता सुरक्षा के साथ ही पर्यावरण और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर दिया गया है। इससे वैश्विक स्तर पर निजी क्षेत्र के नवाचार और सहयोग को और प्रोत्साहित करने में बढ़ावा मिलेगा।

व्हाइट हाउस के डिजिटल एसेट्स फ्रेमवर्क में एसईसी, सीएफटीसी, ट्रेजरी की भूमिका तय

फ्रेमवर्क के अनुसार, एसईसी और सीएफटीसी जैसे नियामकों को उद्योग में कानून लागू करना जारी रखना चाहिए। इसके अलावा, उन्हें क्षेत्र के भीतर उपभोक्ताओं से आने वाली किसी भी शिकायत को सुनना चाहिए। व्हाइट हाउस का फ्रेमवर्क अमेरिकी ट्रेजरी को अपने डेटा शेयरिंग और विश्लेषण के माध्यम से संभावित साइबर जोखिमों को ट्रैक करने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए आवश्यक वित्तीय संस्थानों के साथ सहयोग करने की वकालत करता है। इसमें ट्रेजरी को क्रिप्टो फर्मों को मार्गदर्शन देने के लिए नियामकों के साथ सहयोग करने की भी सलाह दी गई है।

इसके अलावा व्हाइट हाउस के फ्रेमवर्क में ट्रेजरी के अमेरिकी सहयोगियों के लिए अपनी भूमिका का विस्तार करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक यह ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी बोर्ड जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के जरिए संभव होगा। ट्रेजरी को मार्च 2023 से पहले डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस पर अवैध वित्त जोखिम का मूल्यांकन करना होगा। साथ ही नॉन-फंजिबल टोकन पर भी अगस्त, 2023 से पहले इसी तरह का मूल्यांकन करना होगा।

व्हाइट हाउस का यह फ्रेमवर्क यूएस ऑफिस ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी (OSTC) की एक रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें संकेत दिया गया था कि क्रिप्टो माइनिंग से HG उत्सर्जन और अधिक प्रदूषण का किण्वन होता है। रिपोर्ट के अनुसार, यह यह सरकारों द्वारा नेट-जीरो कार्बन प्रदूषण पाने की हो रही कोशिशों के लिए खतरा है। इसमें कहा गया है कि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का लगभग 0.2 से 0.3 हिस्सा क्रिप्टो माइनिंग का है। इसने संघीय एजेंसियों से राज्यों, समुदायों, क्रिप्टो उद्योग और अन्य को तकनीकी सहायता प्राप्त करने का आग्रह किया।

इसमें एजेंसियों को क्रिप्टोकरेंसी के माइनर्स से जरूरी जानकारी इकट्ठा करने और उनका विश्लेषण करने की सलाह दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह काम गोपनीयता को बचाए रखते हुए किया जाना चाहिए। OSTC का मानना ​​​​है कि इससे क्रिप्टो-एसेट्स की ऊर्जा और जलवायु प्रभाव पर सबूतों पर आधारित फैसले लेने की सुविधा मिलेगी।

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